
गुजरात के औद्योगिक क्षेत्र वापी से एक बेहद हैरान और परेशान करने वाली तस्वीर सामने आई है। वलसाड जिले के वापी GIDC क्षेत्र में एक बार फिर प्रदूषण नियंत्रण और सुरक्षा दावों की पोल खुल गई है। यहाँ J-टाइप रोड पर स्थित GTBL कंपनी के गेट के ठीक सामने CETP की मुख्य लाइन टूट गई, जिसके बाद हजारों लीटर खतरनाक केमिकल सड़कों पर बह निकला।
ये तस्वीरें गवाह हैं उस लापरवाही की, जो आम जनता की सेहत के साथ सरेआम खिलवाड़ कर रही है। सड़क पर पानी नहीं, बल्कि फैक्ट्रियों से निकला जहरीला केमिकल बह रहा है। केमिकल का बहाव इतना तेज था कि देखते ही देखते पूरी सड़क तालाब में तब्दील हो गई।
इस वजह से यहाँ से गुजरने वाले राहगीरों और वाहन चालकों को भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। लोग मजबूरी में, बिना किसी सुरक्षा के, इसी जहरीले और तेजाबी पानी के ऊपर से गुजरने को मजबूर हैं।
स्थानीय लोगों की मानें तो यह बहता हुआ केमिकल ड्रेनेज लाइन के जरिए आगे बड़े नालों में जा मिल रहा है, जिससे आसपास के इलाकों में भयंकर प्रदूषण का खतरा पैदा हो गया है। केमिकल की बदबू इतनी तेज और दमघोंटू है कि सड़क से गुजरने वाले लोगों का दम घुट रहा है और उन्हें सांस लेने में भारी तकलीफ हो रही है।
लेकिन इस पूरी घटना में सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात प्रशासनिक तंत्र का रवैया रही। इतनी बड़ी लापरवाही और जनता की सेहत से खिलवाड़ होने के बावजूद, घटना के घंटों बाद तक न तो GPCB (गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड), न GIDC और न ही CETP विभाग के किसी अधिकारी ने मौके पर सुध ली।
सड़क पर बहता यह केमिकल सिर्फ प्रदूषण नहीं, बल्कि सिस्टम की नाकामी को भी बयां कर रहा है। सवाल यह उठता है कि क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? और इन लापरवाह कंपनियों पर आखिर कब सख्त कार्रवाई होगी?





